आपके स्मार्टफोन से पैसे चुरा रहा है ये मालवेयर, इस ऐप से रहें दूर - सौरभ कुमार श्रीवास्तव - Bipin Web Support

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Thursday, 21 September 2017

आपके स्मार्टफोन से पैसे चुरा रहा है ये मालवेयर, इस ऐप से रहें दूर - सौरभ कुमार श्रीवास्तव

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रैनसमवेयर के बाद अब सेफकॉपी ट्रोजन वायरस ने दुनियाभर में हड़कंप मचा दिया है। यह बात साइबर सिक्युरिटी फर्म कैस्परस्काई की एक रिपोर्ट में सामने आई है। यह वायरस यूजर्स के मोबाइल से पैसा चोरी करता है। रिपोर्ट की मानें तो इसके 40 फीसद मामले भारत के हैं। रिपोर्ट ने कहा गया है, 'कैस्परस्काई लैब एक्सपर्ट्स ने नए मोबाइल वायरस का पता लगाया है जो वैप (डब्ल्यूएपी- वायरलेस अप्लीकेशन प्रोटोकॉल) को निशाना बनाकर लोगों का पैसा मार रहा है। यह साइबर चोरी मोबाइल के जरिए की जा रही है।' यह वायरस सबसे ज्यादा निशाना प्रीमियम फोन्स को बना रहा है।

ऐसे काम करता है सेफकॉपी ट्रोजान - 
यह वायरस स्मार्टफोन में मौजूद उपयोगी एप्स में छिपकर काम करता है। इसका यूजर्स को पता नहीं चलता है। काम करते समय यह एक सीक्रेट कोड रीलीज कर यूजर्स का जानकारी चुराता है। जैसे ही यह वायरस एक्टिवेट हो जाता है यह बिना यूजर की अनुमित के कई सर्विसेज को शुरू कर देता है। इसका जितना भी बिल जनरेट होता है वो सभी उपभोक्ता को देना पड़ता है। यह वायरस WAP बिलिंग पेमेंट को टारगेट करता है। सबसे अहम बात यह की इस पूरे प्रोसेस के लिए किसी भी डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूजरनेम और पासवर्ड की जरुरत नहीं पड़ती है। इसमें केवल कैप्चा का इस्तेमाल होता है।
वायरस की चपेट में आए 4800 यूजर्स - 
रिपोर्ट के मुताबिक, महज एक महीने में इस वायरस ने 47 देशों के 4800 लोगों को अपना शिकार बनाया है। इसमें पहले पायदान पर भारत है। इस वायरस से करीब 40 फीसद भारतीय यूजर्स प्रभावित हुए हैं। भारत के बाद रूस, तुर्की और मेक्सिको का नंबर आता है।
ऐसे बचें - 
कैस्परस्काइ लैब्स के एमडी-साउथ एशिया अल्ताफ हल्दे ने कहा, 'स्मार्टफोन यूजर्स को एप्स डाउनलोड करने से पहले सावधान रहने की जरूरत है। थर्ड पार्टी एप्स पर आंखे बंद करके भरोसा न किया जाए। इसके अलावा अपने फोन की सेफ्टी पर भी गौर करने की जरूरत है।'

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